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पूर्व राज्यमंत्री इकबाल के कॉलेज पर चला बुलडोजर

  • जिला प्रशासन के निर्देश पर राजधानी में सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण व अतिक्रमण के खिलाफ चल रहा अभियान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण व कब्जा करने वालों पर कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। लखनऊ प्रशासन ने आज भी जिलेभर में सैकड़ों करोड़ की सरकारी जमीन मुक्त कराई है। प्रशासन ने सदर तहसील में पूर्व राज्यमंत्री इकबाल के कैरियर डेंटल कॉलेज पर अतिक्रमण करने पर बुलडोजर चलाया है। जेसीबी ने कब्जा किया गया आगे का हिस्सा तोड़ दिया है। कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर दोबारा निर्माण किया गया तो सख्त एक्शन लिया जाएगा। कैरियर डेंटल कॉलेज प्रशासन ने अब तक अतिक्रमण को लेकर कोई बात नहीं कही है। समाजवादी पार्टी की सरकार में इकबाल दर्जा प्राप्त मंत्री थे। सपा सरकार में ही इन्होंने करोड़ों की सरकारी बेशकीमती जमीन हथियाई थी और इस पर डेंटल कालेज बनवाया था। जिला प्रशासन के निर्देश पर राजधानी में सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चल रहा है।
सोमवार को सरोजनीनगर तहसील के ग्राम कल्ली पश्चिम में भी प्रशासन ने अवैध निर्माण ढहाया था। यहां की सरकारी जमीन पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पति अजय यादव ने पहले कब्जा किया। कुछ महीनों बाद बिल्डिंग बनवा दी थी। तहसीलदार न्यायिक ने अजय को बेदखली का आदेश भी दिया था। इसी आदेश के क्रम में अवैध निर्माण ढहाया गया। मुक्त कराई गई भूमि की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए है। डीएम के मुताबिक अब तक 150.066 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त करार्ई जा चुकी है। सर्किल रेट के अनुसार इसका मूल्य करीब 212 करोड़ 81 लाख रुपए है।
काकोरी के प्रेमराज सराय स्थित आउटर रिंग रोड किनारे बने मकानों को भी प्रशासन ने पुलिस बल के साथ तोडक़र जमीन को कब्जा मुक्त करवाया। इस दौरान पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। तहसीलदार का कहना है कि एक साल पहले सडक़ किनारे बनाए गए मकान रवि सैनी, चमेली देवी, बुद्घा लाल, बेचा लाल, संजय जौहरी सहित पांच को जमीन खाली करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन इन लोगों ने जमीन खाली नहीं की।

पत्रकारों को निशाना बना रही यूपी पुलिस

  • हिंदी खबर के पत्रकार को पीटा, लॉकअप में रखा बंद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस पत्रकारों के साथ दुव्र्यवहार कर रही है। बेवजह पत्रकारों को धमका कर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। मंगलवार को कानपुर के स्वरूप नगर थाने में राजकीय बालिका गृह में 57 बालिकाएं कोरोना संक्रमित मामले में पूछताछ करने गए हिंदी खबर के पत्रकार अंकित सिंह की पुलिस ने पिटाई कर दी और लॉकअप में बंद कर दिया।
अंकित ने बताया कि वे राजकीय बालिका गृह मामले पर जानकारी लेने थाने गए थे। इस पर पुलिस ने न केवल उनसे मारपीट की बल्कि उस पर झूठा आरोप लगाकर लॉकअप में बंद भी रखा। अंकित के लॉकअप में बंद होने की जानकारी जब उनके साथी पत्रकारों को लगी तो उन्होंने कानपुर के पुलिस अधिकारियों को मामले में अवगत करवाया। इस पर उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी को मामले में सूचित किया गया। इसके बाद स्वरूप थाने के इंस्पेक्टर ने उनके साथियों को बुलाकर जबरन सुलहनामा करवाकर छोड़ा। इधर जब हिंदी खबर के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल ने अपने चैनल के प्राइम टाइम शो में पत्रकार को बेवजह लॉकअप में बंद रखने व पीटने का मुद्दा उठाया तो कानपुर के पुलिस कप्तान ने एसपी सिटी को मामले में जांच के निर्देश दिए। गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में सोनभद्र, मिर्जापुर, फतेहपुर, बनारस, लखनऊ जैसी जगहों पर पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे दर्र्ज किए गए। पुलिस के आला अधिकारी इस बात से अंजान हैं।

पत्रकारों को भनक कैसे लगती है इस बात से परेशान है पुलिस

हाल ही में लखनऊ में पीपीई किट मामले में भी एसटीएफ ने एक पत्रकार को प्रताडऩा दी। उससे एसटीएफ ने पूछा कि पीपीई किट घटिया है, ये सूचना कहां से मिली। इसकी खबर किसने दी। ये खबर मीडिया में क्यूं आने दी। सरकार के अफसर इस बात से परेशान हैं कि घटिया पीपीई किट की बात मीडिया तक कैसे पहुंच गई। डीजी मेडिकल एजुकेशन के ऑफिस से लेटर कैसे बाहर गया, जिसमें पीपीई किट को घटिया बताया गया था। इसी तरह जब कानपुर के स्वरूपनगर के राजकीय बालिका गृह में 57 लड़कियां कोरोना संक्रमित, 7 गभर्वती होने की पुष्टि हुर्ई तो पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस इस बात से परेशान है कि बालिकाओं की मेडिकल रिपोर्ट पत्रकारों तक कैसे पहुंची। इस बात की जांच कराई जा रही है कि मेडिकल रिपोर्ट किसने लीक की है।

रंगदारी न देने पर ठेकेदार को पीटा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मोहनलालगंज के जैतीखेड़ा में सरकारी जमीन पर मिले ठेके का काम कर रहे ठेकेदार और उसके साथियों को बदमाशों ने रंगदारी न देने पर पिटाई कर दी। पीडि़त का आरोप है बदमाशों ने उनके भाई का अपरहण करने की कोशिश भी की। पीडि़त ने मामले को लेकर मोहनलालगंज थाने में तहरीर दी है।
आशियाना के रुचिखंड के रहने वाले मोहित ठेकेदारी का काम करते हैं। पीडि़त के मुताबिक बीती रात वह साइट पर थे। इस बीच गांव के प्रधान संजय रावत और बीजेपी के मंडल अध्यक्ष मुकेश शर्मा 20 अज्ञात लोगों के साथ साइट पर आये और क्षेत्र में काम करने के लिए पैसे की मांग करने लगे। मोहित ने मना किया तो बदमाशों ने उन्हें और उनके स्टाफ को मारा-पीटा और हवाई फायरिंग की।

दारोगा ने फल कारोबारी को धमकाया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। हजरतगंज में तैनात एक दारोगा ने पुरनिया स्थित नवीन गल्ला मंडी के फल कारोबारी अंसार बेग को होटल कारोबारी राजकुमार जायसवाल के कहने पर धमकाया और पीटने की धमकी भी दी।
दारोगा की इस करतूत की शिकायत जब फल कारोबारी ने लखनऊ कमिश्नर, डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी से की तो उसे एसीपी हजरतगंज ने कार्यालय बुलाकर दारोगा के दोबारा परेशान न करने का आश्वासन दिया। इधर पीडि़त के खिलाफ ही हजरतगंज में फर्जी तरीके से एफआईआर दर्ज कर ली गई। पीडि़त का आरोप है कि दारोगा व होटल कारोबारी द्वारा उसे मानसकि रूप से परेशान किया जा रहा है।

27 जून से 3 जुलाई तक इलाहाबाद हाईकोर्ट बंद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ग्रीष्म अवकाश के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट 27 जून से तीन जुलाई तक पूरी तरह बंद रहेगा। गर्मी की छुट्टी के पहले सप्ताह 22 जून से 26 जून तक ही विशेष बेंच बैठेगी और मुकदमो का मैनुअली दाखिला व ई-फाइलिंग 26 जून तक होगी। फिर मुकदमो की ई-फाइलिंग व मैनुअली दाखिला ग्रीष्म अवकाश के बाद चार जुलाई से होगा और अदालतें छह जुलाई से बैठेंगी। यह निर्णय हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति ने पूर्व में पारित प्रस्ताव को संशोधित करते हुए लिया है। आमतौर पर ग्रीष्म अवकाश में विशेष बेंच बैठती हैं और अति आवश्यक मुकदमों की सुनवाई होती है लेकिन कोविड-19 संक्रमण के कारण इस वर्ष यह बदलाव किया गया है।

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